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The Northern Gateway of Punjab
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Mukteshwar Temple
22 km from City Center
Ancient cave temples dedicated to Lord Shiva on the banks of River Ravi.
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Ranjit Sagar Dam
30 km from City Center
A spectacular hydroelectric dam offering boating, lush landscapes, and scenic spots.
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Nurpur Fort
24 km from City Center
Historic Rajput fort featuring the unique Brij Raj Swami temple.
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बामियाल में 30 साल से नहीं बनी पानी की टंकी:पठानकोट में ग्रामीणों का आरोप- सरकारें बदलती रहीं, हमारी प्यास नहीं बुझी
9 Aug 2026•Bhaskar_hindi
पठानकोट में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बामियाल गांव में 30 साल बाद भी पानी की टंकी नहीं बन पाई है। करीब 5 हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पीने के पानी की बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहा है। गांव में 1996 में एक बोरहोल खोदा गया था, लेकिन ओवरहेड वॉटर टैंक न होने के कारण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बिजली पर निर्भर है। पंजाब के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग ने 1996 में गांव के निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक गहरा बोर खोदा था। इसके बाद लगभग 600 घरों में पानी के कनेक्शन भी लगाए गए थे। गांववालों के अनुसार, पहले हैंडपंप का पानी इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें टीडीएस (TDS) और आयरन की मात्रा अधिक थी। इस पानी से बर्तन रात भर में पीले हो जाते थे और लोगों को पेट संबंधी बीमारियों व टाइफाइड जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। हैरानी की बात है कि 1996 से 2026 तक लगभग 30 साल बीत जाने के बावजूद, इस बड़े सीमावर्ती गांव में आज तक ओवरहेड वॉटर टैंक नहीं बन पाया है। ग्रामीणों का आरोप- सरकारों ने इस गंभीर समस्या पर कभी ध्यान नहीं दिया टैंक न होने के कारण पानी की आपूर्ति सीधे मोटरों से होती है, जिससे घरों में पूरे दबाव से पानी नहीं पहुंच पाता। बिजली चले जाने पर दो दिनों तक पानी की आपूर्ति भी ठप हो जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली और मौजूदा सरकारों ने इस गंभीर समस्या पर कभी ध्यान नहीं दिया। गांववालों का यह भी कहना है कि टैंक न होने के कारण पिछले 40 दिनों से गांव के कुछ हिस्सों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है।
पठानकोट में 1.53 करोड़ से 5 सड़कों का उद्घाटन:कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क बोले- गुणवत्ता समझौता करने पर होगी कार्रवाई
9 Aug 2026•Bhaskar_hindi
पंजाब के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने विधानसभा हलका भोआ के विकास को गति देते हुए एक बड़ी पहल की है। उन्होंने क्षेत्र में 1.53 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनने वाली पांच कड़ियों (लिंक सड़कों) के निर्माण और विशेष मरम्मत कार्यों का औपचारिक उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और ग्रामीणों को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की मुख्य प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क (रोड कनेक्टिविटी) को मजबूत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गांवों को शहरों से जोड़ने वाले मुख्य मार्गों और लिंक सड़कों का सुदृढ़ीकरण किसानों, स्थानीय व्यापारियों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे समय की बचत होगी और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भोआ हलके के गांवों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को शहरों के बराबर लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के तहत कुल 3.98 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य किया जा रहा है। जिन सड़कों के कार्यों की शुरुआत की गई है। ₹1.53 करोड़ में चमकेगी 3.98 किलोमीटर लंबी पांच सड़कें लिंक सड़क फिरनी गांव जगतापुर (विशेष मरम्मत): लंबाई 0.50 किलोमीटर, लागत ₹8.39 लाख। लिंक सड़क झाखोलाहड़ी से डिबकू धलौरियां (विशेष मरम्मत): लंबाई 1.68 किलोमीटर, लागत ₹26.30 लाख। लिंक सड़क एपीके रोड से गांव सरमोलाहड़ी (विशेष मरम्मत): लंबाई 0.56 किलोमीटर, लागत ₹12.01 लाख। लिंक सड़क सिंबली से श्मशानघाट (नया निर्माण): लंबाई 0.44 किलोमीटर, लागत ₹24.59 लाख। लिंक सड़क जसवाली से कोटली फार्म (नया निर्माण): लंबाई 0.80 किलोमीटर, लागत ₹81.66 लाख। गुणवत्ता से समझौता करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई कैबिनेट मंत्री ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदारों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता (Quality) से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित सरकारी मापदंडों के अनुसार और तय समय सीमा (Dead-line) के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को इनका लाभ जल्द से जल्द मिल सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भोआ हलके में विकास कार्यों की यह रफ्तार रुकने नहीं दी जाएगी।
सुजानपुर-भड़ोली में रेलवे ओवरब्रिज व अंडरपास को मंजूरी:₹60.48 करोड़ का खाका तैयार, एक टेंडर जारी, केंद्र सरकार करेगी 100% खर्च
9 Aug 2026•Bhaskar_hindi
पठानकोट और सुजानपुर के निवासियों को लंबे समय से लग रहे ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने जा रही है। रेलवे विभाग ने पठानकोट-सुजानपुर रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और भड़ोली में रेलवे अंडरपास (RUB) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस विकास परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन पर आने वाला 100 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे पंजाब सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना के संबंध में जानकारी देते हुए पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू ने बताया कि पठानकोट-सुजानपुर रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले ओवरब्रिज पर लगभग 52 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत आएगी। वहीं, भड़ोली में बनने वाले रेलवे अंडरपास के निर्माण पर 8 करोड़ 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि भड़ोली ओवरब्रिज का टेंडर पहले ही हो चुका है, जबकि पठानकोट-सुजानपुर रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले ओवरब्रिज का टेंडर भी जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। जाम और आपातकालीन सेवाओं की दिक्कतों से मिलेगी मुक्ति यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पठानकोट-सुजानपुर रेलवे क्रॉसिंग और भड़ोली फाटक बंद होने के कारण इस मार्ग पर रोजाना भीषण ट्रैफिक जाम लगता था। इसके चलते न केवल आम जनता बल्कि आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर एंबुलेंस और गंभीर मरीजों को भी घंटों इंतजार करना पड़ता था। इन ओवरब्रिज और अंडरपास के निर्माण से यह समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी। अब फंड की कमी से नहीं अटकेंगे काम: दिनेश सिंह बब्बू पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए दिनेश सिंह बब्बू ने स्पष्ट किया कि पहले के नियमों के अनुसार ऐसे पुलों के निर्माण में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को देनी होती थी। केंद्र सरकार तो अपना हिस्सा समय पर जारी कर देती थी, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा अपने हिस्से की राशि न देने के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों तक लटकी रहती थीं। इसी को देखते हुए अब केंद्र सरकार ने इन दोनों प्रोजेक्ट्स की पूरी लागत खुद वहन करने का फैसला किया है। उन्होंने इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय पठानकोट के विधायक अश्वनी शर्मा और पूर्व रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू के विशेष प्रयासों को दिया, जिनकी पैरवी के कारण यह मंजूरी संभव हो सकी है। इस मौके पर रहे उपस्थित: इस घोषणा के दौरान जिला महासचिव राजकुमार गुप्ता, एससी मोर्चा अध्यक्ष दर्शन कुमार, मंडल अध्यक्ष रूप लाल, पार्षद सुरेश महाजन बॉबी, राकेश मेहरा, नीलम हंस, सुनील सिंह हैप्पी, डॉ. अविनाश डोगरा, डॉ. अमित कुमार और द्वारका दास सहित क्षेत्र के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और भाजपा नेता उपस्थित थे।
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